किताब के बारे में:

इस उपन्यास में एक ऐसे राज परिवार की पृष्ठभूमि को लेकर लिखी गयी मर्मस्पर्शी कहानी है, जो हर मंज़र, हर खंजर को झेलकर अपने कर्म पथ पर चलते हैं । इस सांसारिक जीवन में धोखा भी है, न्याय भी है, अन्याय भी है, पर जीत सिर्फ न्याय की होती है ।
यह उपन्यास पाठकों को संघर्षों की जंजीरों को तोड़कर बुलंदी तक पहुंचने का जज्बा देगी । सदी का नायक कैसे बना जा सकता है, यह आपको यह उपन्यास बताएगा ।

लिखावट और वर्णन:

लेखक की लिखावट काफी अच्छी है । इससे पता लगता है की लेखक को शब्दों का ज्ञान है । वैसे तो वर्णन भी अच्छा ही है लेकिन और बेहतर हो सकता था ।

पुस्तक आवरण एवं शीर्षक:

शीर्षक और आवरण दोनों ही किताब से मेल कहते हैं ।

पेशेवर:

  • सरल भाषा
  • सुन्दर शब्दों का प्रयोग
  • प्रेणादायक कहानी
  • दिल को छू लेने वाले भाव

विपक्ष:

वैसे तो कहानी बहोत ही प्रेरणादायक है लेकिन कुछ और बेहतर हो सकती थी ।

मेरा फैसला:

बचपन से ही जब भी हम राजाओं की कहानिया पढ़ते थे – तो एक चीज़ सबमें एक जैसी ही होती थी – वो था राजा का बलवान होना । राजा चाहे जहाँ का भी हो, अगर वो दरियादिल, बलवान, और अच्छा नहीं है तो वो राजा नहीं । इस किताब में भी लेखक ने एक बहोत ही अच्छे राजा की कहानी बताई है जिसने अपना कर्तव्य नहीं छोड़ा । तो अगर आप अपने रास्ते से भटक रहे हो, तो इस पुस्तक को जरूर पढ़े । हो सकता है की इसमें दिए हुए पाठ आपको सही रास्ते पे ले आये ।

रेटिंग्स: 3.5/5

खरीदिये: बलवान

In Conversation with Deependra Samota

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