प्र. हमारे पाठकों को अपने बारे में कुछ बताइये |

मेरा बचपन से ही लेखन की और, नयी रचना की और झुकाव रहा । इसके लिए हमने एक कल्पनाशील जीवन जीना आरम्भ कर दिया और आज नयी रचना और नयी खोज में अनेकों उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं ।

प्र. इस किताब को लिखने की आपको प्रेरणा कहाँ से मिली ?

काफी सोच विचार के बाद यह फैसला लिया । और सर इसाक नेव्तोन से यह प्रेरणा मिली ।

प्र. आपने इस किताब को कितना समय दिया?

तीन साल

प्र. क्या कोई ऐसा पल आया जब आपने सब छोड़ने का मन बना लिया हो?

जी बहोत सारे ऐसे पल थे ।

प्र. ब्लुएरोसे के साथ आपका एक्सपीरियंस कैसा था?

बहोत अच्छा था

पुस्तक आलोचना: जीवन और ख़ुशी

 

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