किताब के बारे में:

इस किताब में एक सुन्दर सफर के बारे में बताया गया है । कवी ने बहोत ही अच्छी तरह से अपने शब्दों को कविताओं एवं नज़्मों का रूप दिया है । इन शब्दों में कवी का दर्द साफ़ झलकता है ।

लिखावट और वर्णन:

लिखावट और वर्णन दोनों की अच्छे हैं ।

पुस्तक आवरण एवं शीर्षक:

शीर्षक कविताओं से मेल खता है एवं आवरण भी अच्छी तरह से त्यार किया है ।

पेशेवर:

  • सरल भाषा
  • सुन्दर शब्दों का प्रयोग

विपक्ष:

  • कवितायेँ थोड़ी और अच्छी हो सकती थी

मेरा फैसला:

कविताओं एवं नज़्मों से अपने मन की बात ज़ाहिर करना जरूर बहोत मुश्किल काम है । लेकिन इन कवी ने इसे बखूबी किया है । कवियतों में अपना पैन झलकता है । कहीं कहीं ऐसा लगता है की हमारे साथ भी ऐसा हो चूका है । तो जिनको कहानियों से बहार निकलना है, यह पुस्तक जरूर पढ़ें ।

रेटिंग्स: 3/5

खरीदिये: तुम अजनबी ही रहती

In Conversation with Gautam Anand

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