किताब के बारे में:

यूँ तो समाज में प्यार बेशुमार है, लेकिन फिर भी उसकी कमी सी महसूस होती है । इस पुस्तक में लेखिका ने लीव-इन-रिलेशनशिप्स पर प्रकाश डाला है । किस तरह एक साथी को बंधन से निकलना है, फिर अपनी गलती का एहसास होने पर वापिस भी आना है । वो भी तब जब दूसरे साथ की ज़िन्दगी बर्बाद हो गयी है ।

लिखावट और वर्णन:

लिखावट और वर्णन दोनों की अच्छे हैं ।

पुस्तक आवरण एवं शीर्षक:

पुस्तक आवरण और शीर्षक दोनों ही किताब के पन्नो से मेल खाते हैं ।

पेशेवर:

  • सरल भाषा
  • कहानी में सचाई
  • सुन्दर शब्दों का प्रयोग

विपक्ष:

  • concept बहोत अच्छा है लेकिन और भी बेहतर बनाया जा सकता था

मेरा फैसला:

इस पुस्तक में आपको आज की सच्चाई पढ़ने को मिलेगी । लोग जताते हैं प्यार करना, और प्यार के नाम पे सब कुछ कर जाते हैं लेकिन बस प्यार ही नहीं करते । यह कहानी अच्छी है और एक बार जरूर पढ़ी जा सकती है ।

रेटिंग्स: 3/5

खरीदिये: कांच का घर

In Conversation with Indu

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