यह कहानी है नेहा नाम की एक लड़की की, जिसे विवेक नाम के एक लड़के से फेसबुक पे प्यार हो जाता है । नेहा अपने माता-पिता के खिलाफ जाकर उससे शादी कर लेती है और उसके साथ मुंबई आ जाती है । शादी के तीन साल बाद ही एक कार दुर्घटना में विवेक की मौत हो जाती है और नेहा बिलकुल अकेली पद जाती है । फिर अपने आप को सँभालते हुए वो अपनी बेटी ख़ुशी के साथ बाकी की ज़िन्दगी जीती तो है पर वो अपनी साडी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती । फिर वो कॉल बॉयज से पर्सनली अपनी उन जरूरतों को पूरा करती है और इसी दौरान दीपक नाम के एक कॉल बॉय से नेहा की मुलाकात होती है, जिसे वोह चाहने लगती है ।

 

पहले पहले तो दीपक नेहा को पसंद नहीं करता था पर वह दोनों एक दूजे जो जानने लगते हैं और एक दूजे के बेहद करीब आ जाते है । फिर अंत में दीपक नेहा को सबके सामने अपनाता है और उसे वोह ख़ुशी देता है जो नेहा के लिए एक मुक्कमल सी ज़िन्दगी होती है ।

किताब के बारे में:

जैसा की ऊपर लिखा गया है, यह कहानी है नेहा और उसके स्ट्रांग करैक्टर की । नेहा अपनी ज़िन्दगी में बहोत कुछ झेलती है पर हार नहीं मानती । और, अंत में, उसे सब मिल ही जाता है जिसकी वह तलाश में होती है ।

लिखावट और वर्णन:

यूँ तो लेखक ने कहानी को बहोत ही अच्छे तरीके से दर्शाया है परन्तु भाषा में कही ऊपर निचे हो गया ।

पुस्तक आवरण एवं शीर्षक:

पुस्तक आवरण और शीर्षक दोनों ही कहानी से मेल कहते हैं ।

पेशेवर:

  • कहानी अच्छी है
  • पात्रों को अच्छे से दर्शाया गया है
  • भावनाओं को अच्छे से व्यक्त किया गया है

विपक्ष:

  • भाषा अच्छी हो सकती थी

मेरा फैसला:

यह कहानी है एक साहसी लड़की की जो अपनी ज़िन्दगी अपनी मर्ज़ी से जीती है । लव मैरिज के बाद जब उसके पति की मौत हो गयी, नेहा ने हार न मानते हुए सब कुछ अपने हाथों में लिया, जिसकी वजह से वह और साहसी बन गयी । कहानी अच्छी है और लेखक ने बढ़िया ढंग से लिखा है । एक बार पढ़नी चाहिए ।

रेटिंग्स: 3/5

In Conversation with Mohd. Raquib

 

 

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