जीवन की मृगतृष्णा को तलाश है कस्तूरी की

नदियों को सागर की, राहों को मंज़िल की

रूह को जिस्म की, और इन नैनों को तेरी है तलाश…

मुक्कमल जहाँ किसने यहाँ पाया है

जो न पाया बस उसकी है तलाश…

किताब के बारे में:

यह कहानी है एक लड़की धानी की जो दूसरे के लिए अपने सपने और अपना प्यार सब कुर्बान कर देती है । जिससे प्यार करती है वह कभी मिलता नहीं और जब मिलता है तो सब कुछ छीन गया होता है । इस कहानी में सारे भाव हैं । एक बहोत ही अच्छी व् प्यारी सी कहानी है ।

लिखावट और वर्णन:

लेखिका की लिखावट बहोत ही अच्छी है । हर एक भाव को बहोत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है ।

पुस्तक आवरण एवं शीर्षक:

शीर्षक कहानी से मेल खता है क्युकी धानी आखिर तक तलाश में रहती है अपनी खुशियों की और अपने प्यार की । जहाँ तक आवरण की बात है तो वह थोड़ा अच्छा हो सकता था ।

पेशेवर:

  • सही भाषा का प्रयोग
  • सही भावों का चयन
  • पात्रों को अच्छे ढंग से दिखाया गया है

मेरा फैसला:

तलाश एक बहोत ही अच्छे तरीके से लिखी गयी कहानी है । इसमें आपको सारे भाव मिलेंगे । एक आदर्श नारी का चरित्र लिए, धानी सबके जीवन को खुशियों से भर देती है । एक बार जरूर पढ़िए ।

रेटिंग्स: 3/5

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In Conversation with Sangya Shrivastava

 

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