हाल ही में मुझे रामभजन जी से बात चीत करने का मौका मिला । इनका उपन्यास – जीवन एक कठपुतली – बहोत ही मनभावक पुस्तक है । प्रस्तुत हैं उनसे बात चीत के कुछ अंश:

प्रश्न: यह किताब लिखने का विचार आपके मन में कैसे आया?

यह शैली मेरे अंदर नेचुरल है|

प्रश्न: आपकी पुस्तक क्या बताती है?

मेरी बुक “जीवनी एक कठपुतली” जीवन में आने वाले भूचाल जिसमें इंसान अपने परिवार को खो देता है और वह फिर किस हाल में जीवन जीता है जिन लोगों की वह मदद करता है मुसीबत में वही लोग मुंह फेर लेते हैं यह उपन्यास बताता है कि जीवन मे खुशियां कभी भी जा सकती है और आ भी सकती हैं इस उपन्यास में वर्तमान समय में एक इंसान के  द्वारा दूसरे इंसान के उपर किए जाने वाले अत्याचार या हिंसा के बारे में दर्शाया गया है |

प्रश्न: यह किताब लिखते हुए आपके दिमाग में क्या चल रहा था?

इस किताब को लिखते समय मेरे सिर में उन लोगों के प्रति सद्भावना की भावना चल रही थी जो लोग अपना परिवार खो देते हैं और जिनके साथ अपने ही परिवार के द्वारा हिंसा का शिकार होना पड़ता है|

प्रश्न: आप इस पुस्तक को कितना समय दिया करते थे?

वैसे तो इस पुस्तक को लिखने में ज्यादा समय नहीं लगा लेकिन इस उपन्यास की थीम वर्षों पहले से वर्तमान तक दिखाया गया है|

प्रश्न: क्या कभी ऐसा पल आया जब आपने इस पुस्तक को छोड़ने का सोचा हो?

हां ऐसे कई पल थे  जो मुझे किताब लिखने से पीछे ले जाते थे कारण था कि मेरे आस – पास कोई पुस्तक लेखक नहीं था जिससे खुद को की उपन्यास का शुरुआत और अंत देखना था | यह मेरी शुरुआत है और इसके बाद मुझे शायद महत्व ना मिले लेकिन मेरे जुनून और आत्मविश्वास ने पीछे बढ़ते कदमों को संभाला|

प्रश्न: आप आलोचना को कैसे सँभालते हैं?

मेरे रास्ते में आने वाली आलोचना और मुसीबतों को शांत रहकर उनके बारे में सोचता हूं और मुसीबत हल हो जाती हैं|

प्रश्न: ब्लुएरोसे पब्लिकेशन के साथ आपका अनुभव कैसा था?

पुस्तक प्रकाशन के दौरान थोड़ी झिझक थी क्योंकि इससे पहले इसके बारे में मुझे थोड़ी सी भी जानकारी नहीं थी लेकिन ब्लू रोज पब्लिकेशन के साथ अच्छा तालमेल बनने के कारण यह पुस्तक आसानी से प्रकाशित हो पाई उन्होंने मेरे सवालों का आसानी से जवाब दिया|

प्रश्न: नवोदित लेखकों को क्या कहना चाहेंगे?

मैं उभरते लेखको की सलाह को पसंद करता हूं क्योंकि एक लेखक उपन्यास को जिस तरह से दर्शाता है उसी उपन्यास को दूसरा लेखक नया मोड़ देकर और भी रोचक बना देता है इसीलिए सलाह एक उपन्यास को  अच्छा तरीके से पेस करने में मददगार होती है|

पुस्तक समीक्षा जीवन एक कठपुतली

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